चकबंदी मामलों की पड़ताल के मंडलायुक्त ने दिए निर्देश, जिलाधिकारियों को 25 फरवरी तक तलब की रिपोर्ट



गोन्डा ब्यूरो। मंडलायुक्त देवी पाटन श्री शशि भूषण लाल सुशील ने गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के जिलाधिकारियों को चकबंदी के कामकाज की बारीकी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के मुताबिक चकबंदी के मामलों को तेजी से निपटाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। इस संबंध में कमिश्नर ने पत्र जारी कर 25 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा है। कमिश्नर ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने जिले में अपर जिलाधिकारी के जरिए निरीक्षण कराएं और निम्नलिखित बिंदुओं पर साफ-सुथरी रिपोर्ट मंडलायुक्त ने मांगी है,जिसमें धारा-52 के प्रकाशन के बाद कोर्ट के आदेशों के मुताबिक अमल में लाई जाने वाली कार्रवाई की मौजूदा स्थिति, रोस्टर के हिसाब से नियम-109 के तहत अमलदरामद की क्या स्थिति है?, बीते पांच साल में किन-किन गांवों में धारा-52 का प्रकाशन हुआ, उसकी तिथि और अभिलेखागार में दस्तावेज जमा कराने की स्थिति, चकबंदी मामलों में नामित अधिकारी-कर्मचारी – कौन-कौन लोग आदेशों को अमल में ला रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी क्या है?, धारा-52 के बाद अभिलेखों को राजस्व अभिलेखागार में जमा कराने की जिम्मेदारी व कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी इसके लिए नामित हैं? मांगी गई रिपोर्ट के बिंदु में शामिल हैं। कमिश्नर ने कहा कि चकबंदी के मामलों को टालमटोल करने की प्रवृत्ति ठीक नहीं है। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट भेजें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

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