धूम धाम से मनाया गया गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश उत्सव,अटूट लंगर में श्रृद्धालुओं ने प्रसाद भी ग्रहण किया
गोण्डा। ब्यूरो रिपोर्ट सुधाकर कुमार। नगर के प्राचीनतम गुरुद्वारा बड़गांव साहिब में सिखों के दसों गुरुओं की ज्योति धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का प्रथम प्रकाश पर्व बड़ी धूम धाम से आज मनाया गया। गुरु घर के ज्ञानी अशोक सिंह ने बताया कि सिखों के पांचवें गुरु अरजन देव जी महाराज ने सन् 1604 ईसवी में हरमिंदर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया था सन् 1708 में दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने हजूर साहिब में फरमान जारी किया था " सब सिखन को हुकम है गुरु मानयो ग्रंथ" जिसका पालन आज भी सिख समाज करता आ रहा है।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार राजेंद्र सिंह भाटिया ने बताया कि गुरुओं के हुकम के मुताबिक सम्पूर्ण विश्व के गुरुनानक नाम लेवा " गुरु ग्रंथ जी मानयो प्रकट गुरां की देह"को धारण करता है। सेक्रेटरी चरनजीत सिंह खालसा ने बताया कि समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने वाला है गुरु ग्रंथ साहिब। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरजीत छाबड़ा ने सभी से गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरवाणियों के अनुसार अपने जीवन को समर्पित करने की प्रेरणा दी। उपाध्यक्ष सतपाल छाबड़ा ने आई हुई साध संगत का स्वागत किया और गुरु महाराज जी के अटूट लंगर में प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।