गोंडा। कोरोना के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के बावजूद लोग लापरवाह नजर आ रहे हैं हैं। हर किसी के मन में संक्रमण के दूसरी लहर का खौफनाक दृश्य तो याद आने लगा है परंतु लोग खुद मास्क का प्रयोग नहीं करते हुए नजर आ रहे हैं साथ ही कोरोना की रोकथाम के लिए सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं इन दिनों जबकि चुनाव आयोग ने 15 जनवरी यानी आज तक समस्त प्रकार के प्रचार पर रोक लगा रखी थी उसके बावजूद तमाम राजनीतिक पार्टियों के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर विभिन्न प्रकार से जनसंपर्क किया है। कोरोना में लापरवाही का आलम यह है कि सरकारी कार्यालयों से कोविड-19 हेल्प डेस्क गायब है और सैनिटाइजर मशीन तक खराब पड़ी है शुक्रवार को 2954 लोगों की जांच में 74 लोग की रिपोर्ट कोरोना जांच पॉजिटिव आई है, अब सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या 230 पहुंच गई है। कोरोना संक्रमितों को कोविड किट देकर चिकित्सीय निगरानी में होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर किशोरों के लिए 187 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक का टीकाकरण हो चुका है। 2932 लोगों को बूस्टर डोज लग चुका है। इसमें बुजुर्ग और कर्मचारी भी शामिल हैं।
माना जाता है कि हल्के लक्षण वाले मरीजों की पुष्टि एंटीजन जांच में नहीं हो पाती जिससे वह खुद को सुरक्षित समझकर घूमते रहते हैं जिससे सामुदायिक संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।कोरोना संक्रमण की रोकथाम के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। बिना मास्क बाजारों में लोग घूम रहे हैं। सैनिटाइजेशन व कंटेनमेंट जोन नहीं होने से संक्रमण सामुदायिक रूप से फैल रहा है। बाजारों में दुकानदार भी कोरोना नियमों का पालन करते नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। अगर जनपद में कोविड-19 संक्रमण को रोकना है तो सरकार को और सख्त कदम उठाना पड़ेगा।