जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ई श्रम पोर्टल पर पंजीयन और आवारा गोवंश को संरक्षित किए जाने के संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक
8 लाख 89 हजार के सापेक्ष अब तक 85 हजार 184 श्रमिकों का हुआ पंजीकरण- रचना केसरवानी
गोंडा ब्यूरो। जिलाधिकारी मार्कण्डय शाही की अध्यक्षता में असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन सम्बन्धी व आवारा गौवशों को गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित किए जाने के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गयी जिसमें जिला कार्यान्वयन समिति के सदस्यों के साथ सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन की समीक्षा में जिलाधिकारी ने विभागवार पंजीयन हेतु आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन को लेकर प्रदेश सरकार अत्यन्त संवेदनशील है और शासन स्तर पर इसकी लगातार मानीटरिंग की जारही है, इसलिए विभागवार आवंटित लक्ष्य के अनुसार सभी अधिकारी व्यक्तिगत रूचि लेते हुए कामगारों का पंजीयन कराएं। उन्होंने निर्देश दिये गये कि संबंधित विभाग आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका, रसोइया, मनरेगा श्रमिकों व निर्माण श्रमिकों का स्वनिधि योजना के लाभार्थियों का शत प्रतिशत पंजीयन 31 दिसंबर से पूर्व कराने हेतु सभी संभव प्रयास करें। सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विकास खण्ड परिसर में ई-श्रम पंजीयन हेतु स्थाई कैंप की व्यवस्था करें।श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को सभी विभागों व जिला प्रबन्धक सीएससी से समन्वय बनाये रखने के निर्देश दिये गये। उन्होंने बताया कि ईश्रम पंजीयन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर शासन द्वारा एक वृहद अभियान के तौर पर चलाया जा रहा है इस लिये सभी विभाग इसे गंभीरता से लें और आवंटित लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रयास करें।सीएससी प्रबन्ध को निर्देश दिए कि वे सभी सीएससी संचालकों को एक्टिव करें तथा ब्लाकों व सीएससी सेन्टरों पर कामगारों का पंजीयन कराने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पंजीयन की रोजाना प्रगति की रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाय। बैठक में उपश्रमायुक्त देवीपाटन मण्डल रचना केशरवानी ने बताया कि शासन द्वारा जनपद गोंडा को 8 लाख 89 हजार श्रमिकों का 31 दिसंबर से पूर्व पंजीयन कराने का लक्ष्य दिया गया है जिसके सापेक्ष अब तक 85 हजार 184 श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है।