जिले के ए सी एम ओ के साथ सभी 16 सी एच सी के अधीक्षकों का सामूहिक इस्तीफ़ा क्यों? पढ़े पूरा इस्तीफ़ा और जाने क्यों हुआ बवाल?
पूरा मामला कुछ यूं है कि प्रतिदिन शाम को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्वास्थ्य समिति की बैठक होती है मंगलवार की शाम को हो रही इस बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय प्रताप सिंह भी मौजूद थे। डॉक्टर ए पी सिंह का आरोप है कि जिलाधिकारी गोंडा लगातार बैठकों में उनको नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं और उनसे अभद्र भाषा और असंसदीय व्यवहार किया जा रहा है जिससे इस परिस्थिति में वह भारी मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं जिसके वजह से इस परिस्थिति में वह गोंडा जनपद में अपनी सेवाएं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के तौर पर नहीं दे पाएंगे और वह अपना त्यागपत्र सौंप रहे हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अपने त्यागपत्र में यह भी कहा कि जिलाधिकारी महोदय द्वारा यह कहते हुए सभा समाप्त कर दी गई कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मेरे रहते हुए इस जनपद में काम नहीं हो सकता है। जनपद में मेरी तैनाती 6 माह पूर्व अपर मुख्य अधिकारी के पद पर हुई थी तब से प्रार्थी निरंतर कोरोना के संक्रमण से बचाव एवं टीकाकरण के लिए प्रयासरत है जनपद के समस्त स्वास्थ सेवाओं को 73वें स्थान से 30वें स्थान तक लाने में सफल रहा है लेकिन इसके बावजूद संध्याकालीन समीक्षा बैठक में समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय महोदय द्वारा शासकीय चिकित्सकों को अपमानित किए जाने के कारण और कोरोना योद्धा के तौर पर सम्मानित होने के बजाय उनका मुझे यह कृत्य सभी शहीद हुए चिकित्सकों का अपमान महसूस हो रहा है जिन्होंने इस महामारी से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी उपरोक्त परिस्थिति में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोंडा के रूप में मानसिक आहत होने के कारण अपनी सेवाएं देने में समर्थ नहीं हूं अतः मैं अपने पद से इस्तीफा देता हूं।
डॉक्टर अजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे की प्रति स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार और महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रेषित की है देखना यह है कि कल से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी चलती है ? हालांकि अभी तक इस मामले में जिलाधिकारी गोंडा की तरफ से ट्विटर पर कोई भी प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की गई है।