एम्बुलेंस संचालकों से चाभी लेने में जिला प्रशासन रहा असफल,आशा प्रदेश अध्यक्ष सुदामा जी की मध्यस्थता से आकस्मिक सेवा हेतु 15 एम्बुलेंस कार्य पर लगे
एम्बुलेंस कर्मचारियों की भांति सरकार भी दिखाये संवेदना वरन होगा विधानसभा कूच-सुदामा
बस्ती। सूबे के एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा बीते 8अगस्त से जारी शान्तिपूर्ण प्रदर्शन पूर्वनिर्धारित योजनानुसार सोमवार को मध्यरात्री से चक्का जाम में परिवर्तित हुआ तो सूबे की स्वास्थ्य सुविधाएं भी जाम होने लगी फलतः शासन प्रशासन ने एम्बुलेंस कर्मियों की न्यायिक बात मानने की जगह आज मंगलवार को दबाव बनाना शुरू करते हुए प्रदेश के तमाम पदाधिकारियों पर कार्यवाही करते हुए एम्बुलेंस की चाभी लेने का दबाव बनाना शुरू किया मामले की इसी क्रम में बस्ती जी.आई.सी.मैदान को पुलिस छावनी में बदल दिया गया घटना की जानकारी मिलते ही राजधानी यात्रा पर निकले आशाअधिकारमंच के प्रदेश अध्यक्ष बस्ती वापस हुए एम्बुलेंस कर्मियों व प्रशासन के मध्य वार्ता के क्रम में दो टूक कहा कि किसी भी दशा में हम चाभी नहीं देंगें हां हम जनहित में पूर्व से निर्धारित चार एम्बुलेंस की जगह 1 एम्बुलेंस जिले पर व 14 एम्बुलेंस 14ब्लाकों हेतु चालक सहित देंगें इसके आलावा कोई भी शर्त मान्य नहीं है प्रशासन को जो करना हो करे उन्होंने कहा कि कोविड काल में अपने परिजनों की चिंता छोड मरीजों की सेवा करने वाले एम्बुलेंस संचालकों व आशाकार्यकर्तियों को सरकार न्याय दे सरकार द्वारा एम्बुलेंस संचालन ऐजेंसी बदले जाने को लेकर श्री पाण्डेय ने कहा कि जिस तरह डायल100को 112किया गया पर चालक व चालक के सेवाशर्त में परिवर्तन नहीं हुआ उसी तरह एम्बुलेंस कोई भी कम्पनी चलवाये हमारे कर्मचारियों का अहित नहीं होना चाहिए उन्होने कहा कि अब भी समय है जिम्मेदार गतिरोध समाप्त करें वरन हम अपना आन्दोलन और आक्रामक करने को बाध्य होंगें जरूरत पडी तो एम्बुलेंस सहित विधानसभा कूच करेंगें अंततः प्रशासन को पूर्व में देय 4एम्बुलेंस के साथ साथ11अन्य एम्बुलेंस पर समझौता करने को बाध्य होना पडा श्री पाण्डेय के इस मुहिम का सभी एम्बुलेंस कर्मियों ने स्वागत किया