शोषण के विरुद्ध भटकती महिला को नवाबगंज पुलिस से नहीं मिला कोई आश्वासन, पुलिस अधीक्षक के यहाँ प्रार्थना पत्र देने के 7 दिन के बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही


पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपमहानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही


गोंडा क्राइम ब्यूरो। जनपद की पुलिस यूं तो देखने और दिखाने में उत्कृष्ट कार्य कर रही है और यह सही भी है कि बहुत सारे थानों की पुलिस इन दिनों अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए मशहूर है लेकिन वहीं पर थाना नवाबगंज के अंतर्गत एक मामला सामने आया जहां पर बाबा ज्ञानदास पुरवा की रहने वाली महिला ने अपने शारीरिक शोषण के विरुद्ध नवाबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने और कार्यवाही कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन नवाबगंज पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही इस पर नहीं की गई। पूरा मामला कुछ यूं है कि बाबा ज्ञानदास पुरवा थाना नवाबगंज की रहने वाली आरती पुत्री नकछेद की शादी विजय प्रताप निवासी थाना नवाबगंज के साथ हुई थी लेकिन बाद में पता चला कि विजय प्रताप एक नशेड़ी किस्म का व्यक्ति है और वह नशे की हालत में शादी के बाद प्रार्थनी से मारपीट करने लगा और प्रार्थिनी को जान से मारने का प्रयास किया इसलिए प्रार्थिनी के घरवालों ने विजय प्रताप से अपने संपूर्ण रिश्ते खत्म कर लिए। उसके बाद वर्ष 2020 में चंद्र गोपाल पांडे निवासी लोलपुर थाना नवाबगंज ने प्रार्थिनी से विवाह करने का झांसा दिया और अपने साथ जम्मू ले गए लगातार एक वर्ष तक प्रार्थनी का शारीरिक शोषण करते रहे जब प्रार्थिनी ने चंद्र गोपाल पर शादी करने का दबाव बनाया तो वह प्रार्थिनी को जम्मू में अकेले छोड़कर अपने घर नवाबगंज भाग आए, प्रार्थिनी किसी तरह से जम्मू से दिनांक 1 मई को दिन में 10 बजे लोलपुर पहुंची तथा चंद्र गोपाल के घर गई तो चंद्र गोपाल के भाई पिंटू और अखिलेश ने प्रार्थी को बुरी तरह से मारा पीटा तथा घर में रहने नहीं दिया और यह भी धमकी दी कि दोबारा उनके घर अगर वह आ गई तो प्रार्थिनी को जान से मार दिया जाएगा घटना की सूचना तत्काल थाना नवाबगंज में दी गई परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई इसके बाद 22 मई को पुलिस अधीक्षक गोंडा के यहां एक प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं होता देख अंततः महिला ने पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन मंडल के यहां दिनांक 3 जून को एक नया प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज 7 दिन बीतने के बाद उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई प्रार्थनी का यह कहना है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय और पुलिस उपमहानिरीक्षक के कार्यालय से जो भी जांच रिपोर्ट नवाबगंज पुलिस के पास थाने में आती है वह उस पर गलत रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर भेज देते हैं अब देखना यह है कि महिला को न्याय कब तक मिलेगा।

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