गेंहूं खरीद को लेकर डीएम ने प्रत्येक तहसील पर बनवाया कन्ट्रोल रूम, अधिकारियों को दी जिम्मेदारी
सभी क्रय केन्द्रों पर आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित कराने तथा रोजाना निरीक्षण रिपोर्ट देने के दिए आदेश
गोंडा। ब्यूरो। जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने डिप्टी आरएमओ तथा सभी उपजिलाधिकारियों को सख्त आदेश दिए है कि शासन की मंषानुसार गेहूं कय केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराते हुए यह देखा जाए कि यहां आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा किसानों को इस प्रकार बुलाया जाए कि उन्हें क्रय केन्द्र पर अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े। साथ ही साथ सभी केन्द्रों पर कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन कड़ाईपूर्वक सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने गेहूं कय केन्द्रों के सुचारू ढंग से संचालन, वहां पर कार्मिकों की समय से उपस्थिति तथा अपने उत्पाद के विपणन हेतु आने वाले किसानों को अनुमन्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु पूरी पारदर्शिता के साथ वहां पर खरीद सुनिश्चित करने के कई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देष दिए हैं जिसमें सभी उप जिलाधिकारी अपनी तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग में कन्ट्रोलरूम में कियाशील कराते हुए वहां उपलब्ध नम्बर का व्यापक प्रचार- प्रसार करायेंगे तथा कन्ट्रोल रूम में समस्त राजस्व निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कन्ट्रोल रूम अवकाश के दिनों को छोड़कर (जब कय केन्द्र बन्द रहेंगे) प्रातः 9.00 बजे से सायंकाल 6.00 बजे तक क्रियाशील रहेगा। इसके अतिरिक्त कन्ट्रोल रूम में तहसील अन्तर्गत संचालित कय केन्द्रों की सूची सहित वहां तैनात केन्द्र प्रभारी तथा उनके सहायकों का सम्पर्क नम्बर उपलब्ध रहेगा तथा कन्ट्रोल रूम में एक पंजिका अनुरक्षित की जाएगी जिसमें प्राप्त होने वाली शिकायतों का विवरण अंकित करते हुए उन्हें सम्बन्धित क्रय केन्द्र प्रभारी तथा एजेंसी के जिला प्रभारी को सूचित करते हुए समाधान कराया जाएगा। प्राप्त शिकायतों पर कृत कार्यवाही के विषय में फीडबैक शिकायतकर्ता से प्राप्त कर इसका भी अंकन पंजिका में किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायत पर वास्तविक रूप से क्या कार्यवाही की गई है। कन्ट्रोल रूम के ओवरआल इंचार्ज तहसीलदार होंगे जो प्रतिदिन प्राप्त शिकायतें पर कार्यवाही की समीक्षा कर उप जिलाधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। इसके अतिरिक्त तहसील में तैनात नायब तहसीलदारों की शिफ्टवार ड्यूटी कन्ट्रोल रूम में लगा दी जाए जो प्राप्त शिकायतों के सम्बन्ध में कय केन्द्र प्रभारियों तथा एजेंसी के जिला प्रभारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराते हुए शिकायतकर्ता को सूचित करेंगे। उपजिलाधिकारी स्वयं कुछ समय तक कन्ट्रोल रूम में बैठकर प्राप्त शिकायतों तथा उन पर कार्यवाही की जानकारी करेंगे तथा रैण्डम तौर पर किसानों को कॉल कर उनकी शिकायत एवं समस्या पर कृत कार्यवाही से संतुष्टि या असंतुष्टि के विषय में फीडबैक लेकर अपेक्षित कार्यवाही करेंगे। जिलाधिकारी ने यह भी आदेश दिए है कि प्रतिदिन उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, समस्त नायब तहसीलदार कम से कम दो क्रय केन्द्र अवश्य देखेंगे. इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट तथा समस्त अपर उपजिलाधिकारियों द्वारा कम से एक-एक केन्द्र प्रतिदिन निरीक्षण कर आख्या सायं तक जिला खाद्य विपणन अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। मॉनिटरिंग के व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा जिस पर सभी अधिकारी निरीक्षण करते हुए कन्ट्रोल रूम की सेल्फी पोस्ट करेगें।