क्या गोंडा में जिला प्रशासन और अस्पताल की मिलीभगत से छिपाया जा रहा कोरोना के सैंपल और मौतों का आंकड़ा? पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट
गोंडा। एक तरफ जनपद मे कोरोना महामारी भयावह रूप लेती जा रही है प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज इस समय पॉजिटिव निकल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन कोरोना के आंकड़ों की हेराफेरी में लगा हुआ है 19 अप्रैल की कोरोना बुलेटिन के अनुसार जहां 412109 सैंपल लिए गए थे जिसमें से 411336 लोगों की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी इनमे से 404174 लोगों को नेगेटिव दिखाया गया था। तो वही 21 तारीख की शाम को जारी हुआ कोरोना बुलेटिन में यह संख्या घटकर 326450 रह गई और इनमे से 326315 की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी जिनमे से 318881 लोगों को नेगेटिव दिखाया गया। अब सवाल यह है की आखिर 85659 लोग कहां गए और 85659 लोगों की सैंपल यदि किया नहीं गया तो पहले आंकड़ों में क्यों दिखाया गया और बाद में इतने लोगों को आंकड़ों से क्यों हटाया गया?
चलिए मान लेते हैं कि तारीख गलत हो सकती है, या पॉजिटिव रिपोर्ट, या नेगेटिव रिपोर्ट, या भेजे गये सैंपल, प्राप्त सैंपल कुछ भी टाइपिंग की वजह से गलत हो सकता है पर इतनी बड़ी गलती हो जाए बात कुछ हजम नही होती? सबूत संलग्न है देखें।
शहर में आक्सीजन सिलेंडरों की जांच कर प्रशासन ने किया खानापूरी जबकि वास्तविकता की जिला अस्पताल में नहीं था ऑक्सीजन
तो वहीं दूसरी तरफ ऑक्सीजन सिलेंडर भी जिला अस्पताल मे मौजूद नहीं है, बाराबंकी से आनन-फानन में जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा मंगाए गए ऑक्सीजन सिलेंडर तब 25 छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति बाराबंकी से की गई जिसके बाद जिला अस्पताल में मौजूद मरीजों को ऑक्सीजन मिल सका। जिला अस्पताल में बीते 3 दिनों में मरे 35 लोग, कारण अज्ञात? अब तक 18 अप्रैल को 13,अन्नीस अप्रैल को 10 और बीस अप्रैल को 12 लोगों की मौत हो चुकी थी। तीन दिन 35 लोगों की मौत से हडकम्प मच गया है यह संख्या कम होने का नाम नही ले रहा है।
सबसे दिलचस्प बात यह कि जिला प्रशासन के द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति करने वाले फर्म पर छापेमारी की गई और हाथ कुछ भी नहीं लगा । ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति करने वाले फर्म के मालिकों से जब हमने बात की तो पता चला कि उनके दो ट्रक लखनऊ में खड़े हुए हैं लेकिन लखनऊ में भी ऑक्सीजन की उपलब्धता ना होने के कारण वहां से भी ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है अब आलम जब प्रदेश की राजधानी का यह है कि वहां पर भी ऑक्सीजन की उपलब्धता नहीं है तो देवीपाटन मंडल के मुख्यालय गोंडा जनपद में ऑक्सीजन कहां से आएगा खबर तो यहां तक भी है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले ट्रकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया जिसके वजह से और ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाई।
इन सब के अलावा जनपद के अवध अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु का आंकड़ा छुपाने का मामला भी प्रकाश मे आया है। अवध हॉस्पिटल के दो द्वार बताए जा रहे हैं जिनमें से दूसरा द्वार जो आवास विकास कॉलोनी के तरफ खुलता है वहां से चोरी छुपे कोरोना पॉजिटिव हुए ऐसे मरीजों को जिनकी मृत्यु हो जा रही है चुपचाप उनके पार्थिव शरीर को रातों-रात पिछले दरवाजे से निकाल के हटाया जा रहा है इस संबंध में आवास विकास कॉलोनी के सभासद अनूप कुमार श्रीवास्तव ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को बाकायदा पत्र लिखकर अवगत कराया है और कार्यवाही की मांग भी की है। अगर इन तीनों मामलों पर गौर करें तो स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन और तमाम सरकारी और निजी अस्पताल का प्रशासन कोरोना के मरीजों के आंकड़ों को छुपा रहा है।