जननी सुरक्षा योजना के तहत जिले की 8517 प्रसूताओं को मिली आर्थिक मदद


गोंडा जिला संवाददाता । जननी सुरक्षा योजना के तहत एक करोड़ रूपए से अधिक दी गई सहायता राशि

जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रायोजित योजना है जिसका प्रारंभ 2005 में किया गया। इसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाओं को संस्थागत प्रसूति कराने के लिए शहरी क्षेत्र की गरीब महिलाओं को एक हजार रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 
 मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला अस्पताल डा0 ए0पी0 मिश्र ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह अप्रैल से अब तक 8517 प्रसूताओं को जिनमें 6943 ग्रामीण व 294 शहरी प्रसूताओं को 01 करोड़ 14 हजार 2 सौ रूपए की धनराशि दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रूपए की दर से 97 लाख 20 हजार 200 रूपए तथा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 02 लाख 94 हजार रूपए की आर्थिक सहायता जननी सुरक्षा योजना के तहत दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि माह अप्रैल में 623, मई में 914, जून में 1007, जुलाई में 1241, अगस्त में 1560, सितम्बर में 1651 तथा अक्टूबर में अब तक 1521 प्रसूताओं को इस योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।
 मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पात्रता के बारे में बताया कि महिला का प्रसव अस्पताल में अथवा प्रशिक्षित दाई द्वारा किया जाना चाहिए तथा योजना के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक लाभार्थी के पास एमसीएच कार्ड के साथ-साथ जननी सुरक्षा योजना कार्ड भी होना जरूरी है। आशा अथवा कोई अन्य सुनिश्चित संपर्क कार्यकर्ता व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ए.एन.एम. के माध्यम सेे चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में अनिवार्य रूप से प्रसव की व्यवस्था करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस योजना से गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जाँच और प्रसव के बाद देखभाल और निगरानी करने में सहायता मिलती है।

Popular posts from this blog

ब्रेकिंग न्यूज़ बस्ती। धीरेंद्र प्रताप सिंह। शुक्रवार की नमाज अदा करने जा रहे बुजुर्ग पर तेंदुए ने किया जानलेवा हमला, मौके पर हुई मौत

सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में नवागत खंड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी का स्वागत किया गया

पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा अपह्रत बालक की सकुशल बरामदगी पर पुलिस/स्वॉट टीम को 25000/- रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा