कोरोना से दवा व्यवसाई की मौत जनपद में मौत का आंकड़ा पहुंचा 45
गोंडा। उत्तर प्रदेश सरकार के कोरोना में किए गए सारे दावे जनपद मे लगभग फेल होते हुए नजर आ रहे हैं एक और जहां उत्तर प्रदेश सरकार ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग को लेकर प्रतिदिन बयान जारी करती है और बहुत सारे समाचार पत्र और टीवी चैनलों में यह बात स्पष्ट रूप से लिखी जाती है और दिखाई जाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार में सबसे ज्यादा कोरोना की टेस्टिंग हो रही है। तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना के संक्रमित व्यक्तियों की संख्या और उससे मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। गोंडा जनपद में आज शहर के एक प्रतिष्ठित दवा व्यवसाई की कोरोना संक्रमण की वजह से मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के प्रतिष्ठित दवा व्यवसाई का लखनऊ में आंख का ऑपरेशन हुआ था जिस समय उनकी आंख का ऑपरेशन हुआ उस समय उनकी कोविड-19 की गई जिसमें वह पूर्णतया स्वस्थ और नेगेटिव पाए गए थे। लखनऊ से ऑपरेशन कराने के बाद जब वह वापस लौटे तो उनको सांस लेने में थोड़ी तकलीफ होने लगी जिसके बाद उनका जांच कराई गई जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए और इसकी वजह से आज उनकी मृत्यु हो गई उनकी मृत्यु की खबर से समस्त दवा व्यवसाई और दवा एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस शोक की घड़ी में सभी दवा व्यवसायियों को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक दुकान बंद रखने का निर्देश दिया। इस अवधि में शहर की लगभग सभी दुकाने बंद रखी गई और लोगों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। सुबह 4 घंटे जब सभी मेडिकल की दुकानें बंद रही उस दौरान जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पर मरीज और उनके तीमारदार दवा लेने के लिए परेशान दिखे जिसका कुछ लोगों ने नाजायज फायदा भी उठाया और चुपके से दुकान खोलकर महंगे दामों पर दवा की बिक्री की गयी, तो वहीं दूसरी ओर जय नारायण चौराहे पर सभी दुकानें खुली हुई रही और इस दौरान केमिस्ट और ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई गयी।