लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से मीडिया को दूर रखने पर पत्रकारों ने गुस्से का इजहार किया।
गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोंडा दौरे पर थे गोंडा दौरे पर उन्होंने टाटा ट्रस्ट की तरफ से बने हुए 161 बेड के मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का गोंडा के जिला अस्पताल में उद्घाटन किया उसके बाद बाढ़ और राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की देवीपाटन मंडल के सभी पुलिस कर्मियों अधिकारियों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत कार्यों पर और कोरोना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की इस पूरे कार्यक्रम के दौरान खास बात यह रही कि मीडिया कर्मियों को इन सभी कार्यक्रमों से दूर रखा गया था गोंडा के जिला अस्पताल में जब मीडिया कर्मी मुख्यमंत्री के उद्घाटन समारोह को कवरेज के लिए पहुंचे थे उस समय पुलिस प्रशासन के द्वारा सभी मीडिया कर्मियों को अस्पताल के बाहर रहने की हिदायत दी गई लगभग धमकी भरे लहजे में पुलिस प्रशासन के द्वारा सभी पत्रकारों को और मीडिया कर्मियों को बाहर किया गया तत्पश्चात पत्रकारों ने बाहर लगभग एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार किया उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट बंदना त्रिवेदी अस्पताल से निकल कर बाहर आई और कुछ समय के लिए पत्रकारों से बात की उनको समझाने बुझाने का प्रयास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निकलने से पहले एसपी गोंडा श्री राजकरण नैयर बाहर आकर पत्रकारों से मिले पत्रकारों ने उनसे अपनी नाराजगी जाहिर की और इस मामले को आगे ले जाने की बात कही अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या कारण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी गोंडा आते हैं तो पत्रकारों को और मीडिया कर्मियों को उनसे दूर रखा जाता है इसके पहले एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोंडा दौरे पर आए थे तब भी मीडिया कर्मियों को उस पूरे कार्यक्रम से दूर रखा गया था और कल फिर यही वाक्या दोहराया गया है जिससे पत्रकारों में भारी असंतोष और भारी गुस्सा व्याप्त है सभी मीडिया कर्मियों ने इस पूरे कार्यक्रम को बहिष्कार कर दिया और कहा कि इस पूरे कार्यक्रम की कोई भी कवरेज नहीं करेगा। सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक बात तो यह रही कि जब गुस्से में पत्रकार जिला अस्पताल से पैदल ही गुरुनानक चौक चौराहे की तरफ निकल पड़े तो उनको महिला पुलिस बल लगाकर दुखहरण नाथ मंदिर के पास रोक लिया गया पत्रकार आगे आगे और पुलिस पीछे पीछे चलती रही जिस पर पत्रकारों ने यह बात भी कही कि अब पत्रकारों के पीछे भी पुलिस बल को लगा दिया गया है उनको रोकने के लिए महिला पुलिस बल को लगाया गया था जो की काफी हद तक हास्यास्पद बात है।